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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता संघ ने ज्ञापन देकर आरक्षण बदलने की मांग l



उरई (जालौन)। सोमवार की देर शाम जैसे ही नगरीय निकायों के अध्यक्ष पदों को लेकर परिसीमन घोषित हुआ तो उससे कहीं खुशी व कहीं गम जैसा माहौल देखने को मिला। शासन स्तर से घोषित किये गये परिसीमन के विरोध में मंगलवार को मुखरता से विरोध दर्ज कराते हुये अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपते हुये सवाल किया कि जनपद जालौन की शत प्रतिशत निकायों के अध्यक्ष पद आरक्षित करना बेमानी है। साथ ही यदि बुंदेलखंड में नगरीय निकायों की बात करें तो 51 सीटें अध्यक्ष पद की है जिसमें से 47 सीटें आरक्षित की गयी है। ऐसा शायद ही प्रदेश के किसी क्षेत्र में हुआ हो।


दोनो संगठनों ने 5 सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विशाल यादव को दिया। दिए गए ज्ञापन में उनकी मांग है कि बुंदेलखंड में सीट वार आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए। सीटों का आरक्षण करते समय उस श्रेणी की आबादी का विशेष ध्यान रखा जाए। जैसे कई जगह आरक्षण ऐसी श्रेणी में किया गया है जिसकी आबादी न के बराबर है। समस्त जनपदों में सीटों के आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा न हो। बुंदेलखंड के हर जनपद में कम से कम एक नगरपालिका परिषद व एक नगर पंचायत परिषद अनारक्षित श्रेणी में होनी चाहिए। इस मौके पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा से यादवेंद्र सिंह ,दिनेश कुमार सिंह, पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अनुज सेंगर, अभय सेंगर, आलोक सिंह, मनोज सिंह, अवनीश सिंह, गौरव सिंह, मंगल परिहार, प्रीतम सिंह, मानवेंद्र सिंह, मोनू सिंह, सचेंद्र जादौन, कुलदीप सिंह, अतुल राजावत, प्रिंस राजावत, अतुल चैहान, धनवीर सिंह, उदयवीर सिंह, अमित दुबे व अन्य मौजूद रहे। वहीं ब्राह्मण एकता संघ से बृजमोहन बुधौलिया, राजेश दिवोलियां, उमाकांत नगाइच, राजकुमार, वैभव अन्य मौजूद रहे।

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