राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एम् एस सी गणित के छात्रों के लिए 29 नवंबर से 08 दिसंबर 2022 तक वैदिक गणित की दस दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्घाटन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी वसी मोहम्मद द्वारा करते हुए वैदिक गणित के क्षेत्र में भारती कृष्णा तीर्थ महाराज योगदान पर विशेष बल देते हुए कहा कि महाराज के इस दिशा में किए गए। सार्थक प्रयासों को आगे बढ़ाने की एवं वैदिक गणित का प्रयोग इंजीनियरी एवं प्रोद्योगिकी के साथ साथ ज्ञान विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने की आवश्यकताओं को संदर्भित किया।

वेदों पर निरंतर शोध की आवश्यकता एवं उसका प्रयोग विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में किए जाने हेतु जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। इसके पूर्व विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर कोमल असरानी, बी बी डी एन आई आई टी लखनऊ ने वैदिक ज्ञान विज्ञान में शोध पीठों के गठन को लेकर विचार व्यक्त किए । वेदों तथा वैदिक गणित के सूत्रों की गणितीय एवं वैज्ञानिकता के साथ सारगर्भित व्याख्या किए जाने पर जोर दिया । वेदों में अभिव्यक्त अंकीय गणनाओं को समझने एवं उन पर विस्तारित शोध की आवश्यकता बताई डॉ राकेश भाटिया, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली, की उपस्थिति में 03 दिसंबर को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के साथ एम् ओ यू किए जाने की संभावना है।

इस कार्यशाला में अन्य वक्ताओं में डॉ राकेश भाटिया, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली, डॉ रश्मि यादव, सीसीएस विश्वविद्यालय मेरठ तथा डॉ केलाश विश्वकर्मा, बीएनडी कॉलेज रथ हमीरपुर द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जायेगा।

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