झांसी। टहरौली थाना क्षेत्र के ग्राम वकायन में आस्था के नाम पर लोगो को किया जा रहा है गुमराह। लाल पुरा सरकार के नाम से चल रहे इस दरबार में एक ही किस्म के पत्तों को पीस कर लोगो को बेबकूफ बनाया जा रहा है। लोग यहां आस्था के नाम पर आते है लेकिन लोगों को गुमराह किया जा रहा है, अगर हम बात भारत की करे तो हमेशा से ही अंधविश्वास परोसा जाता रहा है आज की बात करें तो चर्म पर है कई ऐसे तथाकथित चमत्कारिक स्थान आप सभी जानते होगें, जहां गूंगे बोलने लगते हैं लगड़े चलने लगते हैं कैंसर पीड़ित कैंसर मुक्त हो जाते हैं ऐसे ही अंधविश्वास की दुकानों का भंडार बुंदेलखंड हमेशा से रहा है।

पहले सीनियर सिटीजन इन दुकानों को शुरु करते थे लेकीन अब समय बदल गया है इसलिए युवा खूब बढ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।

पर्चे बनाने वाले बाबाओं के दरबार तो हर गली कूचे में लग रहे हैं जहां पर पीड़ित लोगों की समस्याओं का निदान किया जाता है अगर आपको संतान नहीं है दरबार में आइए , आपकी कोई मर्डर मिस्ट्री न सुलझ रही हो बाबा सुलझाएंगे, आप बीमार हैं बाबा ठीक करेगें आपको प्रेमिका नहीं मिल रही है बाबा दिलाबाएंगे प्रेमिका ने धोखा दिया हो बाबा उस लड़की को कयामत दिखाएंगे और न जानें क्या क्या सब कुछ बाबा जी करवाएंगे।

इसी कड़ी में एक और आश्रम या चमत्कारिक स्थान जुड़ गया है लाल पुरा सरकार के नाम से झांसी जिले के वकायन गांव में खूब फलफूल रहा है 7 से 8 महिने ही हुए हैं जहां महीने में एक आदमी नहीं जाता था वहां एक दिन में 15 से 20 हजार लोग जा रहे हैं।

 

वन विभाग की जमीन पर बना यह आस्था का केंद्र।

लाल पुरा सरकार के नाम से बना पूरा मंदिर वन विभाग की जमीन पर पसरता जा रहा है। इस पूरे दरबार को संभालने के लिए 50 लोगों की समिति बन कर तैयार हो गई है जैसे हर एक दरबार के लिए ऐसी समितियां बनती हैं

एक ही प्रकार के पत्तों से ठीक किए जाते कई रोग।

जानकारी के अनुसार यहां पर लकवा, कैंसर और कई प्रकार की बीमारियों के लिए एक ही प्रकार के पत्तों को पीस कर पिलाया जाता है। हनुमान जी के नाम पर जब मन्दिर के बाबा से पूछा गया की ये कौन सी जड़ी बूटी है तो बाबा ने बताने से साफ इंकार कर दिया है जवाब में कहा की उसकी शक्तियां या चमत्कार खत्म हो जाएगा, आगे पूछा गया की सभी लोगों की बीमारियां ठीक हो जाती है तो जवाब में बाबा ने कहा जिन पर हनुमान जी की कृपा होती है वो लोग ठीक हो जाते हैं।

लोगो से बातचीत पर लोगो ने क्या कहा

बातचीत के दौरान आएं एक व्यक्ति से चर्चा की तो उसने बताया चौथा मंगलवार है मेरा अभी तक कोई आराम नहीं हुआ जब यही प्रश्न बाबा से किया गया तो ज़बाब बही असंतोष पूर्ण रहा हैं।

जब टीम ने मंदिर परिसर घुमा 

पूरा परिसर घूमने के बाद आभास हुआ कि भले ही लोगों की समस्या का उन्हें निजात मिले या न मिले लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की सम्भनाएं बड़ा रहा है मन्दिर, अभी 50 लोगों को रोजगार मिल गया है आगे सम्भनाएँ हैं की ये रोजगार हजारों लोगों तक भी पहुंच सकता है यदि समितियों में बंदर बांट की लड़ाई न हो तो, आस्था के नाम पर आने वाली पीढ़ियों को अंधविश्वास की ओर धकेला जा रहा है

आस्था के नाम पर किया जा रहा है व्यापार

हर मंगलवार को करीब 60 हजार से डेढ़ लाख तक चढ़ौती चढ़ रही है आने वाले समय में ये लाखों करोड़ों में होगी, एक पीढ़ी का अंधविश्वास आने वाली पीढ़ियों के लिए परंपरा बन कैसे बन जाता है इसका जीता जागता उदाहरण है लालपुरा सरकार।

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