उत्तर प्रदेश की भूमि अपने आप में पूरा विश्व सजोए हुए है। उत्तर प्रदेश की भूमि ऐसे ही उत्तम प्रदेश नही बना है, क्योंकि यहां तो ऋषियों, मुनियों और राजनीति का उद्गम स्थल है। जनसंख्या की नजरों से देखा जाएं तो उत्तर प्रदेश भारत की सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। क्षेत्रफल की तरफ निगाहें घुमाये तो चौथा.

उत्तर प्रदेश की धरती अपने आप में देवों की भूमि है। यहाँ रामायण, रामचरित्र मानस, भगवत गीता जैसे बड़े काव्य लिखे, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, गौतम बुद्ध जैसे सन्यासियों की तपोभूमि और जन्मस्थली  है।

कबीर, तुलसी, बिहारी ने हिंदी भाषा के काव्य पर सभी बुध्दजीवियों ने पुरे जीवन भर अपना बहुमूल्य योगदान दिया

देश की राजनीति में उत्तर प्रदेश का योगदान-
भारत की राजनीति का जो आधार है वह है तो सिर्फ उत्तर प्रदेश। जो हमेशा बना रहेगा, इसका मुख्य कारण आजादी के बाद से उत्तर प्रदेश की धरती से अभी तक देश को 09 प्रधानमंत्री और इसके साथ 32 मुख्यमंत्री बन चुके है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े दलों जैसे भाजपा, सपा, कांग्रेस,और बसपा के अलावा छोटे क्षेत्रीय दलों का महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है। जिसमे अपनादल , निषाद पार्टी, जनाधिकार पार्टी के साथ- साथ आम आदमी पार्टी भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपना स्थान बनाने लगी है।

प्रदेश की सत्ता भाजपा के हाथों है, लेकिन विपक्ष में सक्रिय पार्टी कोई है तो  इस समय वो है समाजवादी पार्टी  कहा जाता है उत्तर प्रदेश ही वो राज्य है जो देश की राजनीति की दिशा तय करती है।

प्रसिद्ध लेखक और कवि रस्किन बांड ने उत्तर प्रदेश के बारे में कहा है।

मैंने दुनिया के बहुत से देश देखे अगर आप ऑस्ट्रेलिया जाओगे तो वहां लोग एक ही खाना खायेगें एक जैसी दिनचर्या लेकिन आप अगर उत्तर प्रदेश गये तो पूरी दुनिया घूम लिए क्योकि उत्तर प्रदेश अपने आप में विश्व है।

उत्तर प्रदेश का देश की कला और संस्कृति में योगदान-

उत्तर प्रदेश की शिल्पकला भारत में ही पूरी दुनिया में अनोखी छाप छोड़ रखी है, जैसे कढाई, बुनाई, मिटटी के बर्तन, से लेकर गीत, संगीत आदि सबकी भरमार पुरे उत्तर प्रदेश में देखनें को मिल जायेगी।

दुनिया की सैर करना चाहते हो आप उत्तर प्रदेश के इन शहरों में जा सकते हो.

स्विट्जरलेंड देखने का मन करे तो आप उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जाकर मुक्खा फाल है जो सोनभद्र पहाड़ियों में अपनी अलग ही पहचान बनाये हुए है जिसे देखकर आप मिनी स्विट्जरलेंड का लुफ़ उठा सकते हो। इसके अलावा कश्मीर देखने का प्लान बनाया हो तो आप बुंदेलखंड के महोबा जिले के चरखारी जाकर कश्मीर उठा सकते हो।

इसके आलावा पहुंचकर आप बुंदेलखंड के इतिहास से परिचित होगे, फिर उसके बाद झांसी का किला, ओरछा का रामराजा मंदिर आदि स्थलों पर जा सकते हो।

बुंदेलखंड को किलों की भूमि कहा जाता है क्योकि यहाँ हर चार कोस पर एक किला है. उत्तर प्रदेश में अनेकों वीर हुए जिसमे बुंदेलखंड के आल्हा- ऊदल के बारे में जानना चाहिए। यह उत्तर प्रदेश के इतिहास में अपना अमूल्य योगदान रखते है, इसके लिए एक कहावत है-

बुंदेलखंड की सुनो कहानी, बुंदेलों की बानी में,
पानीदार यहां का घोडा, आग यहां के पानी में 

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