Mon. May 25th, 2026

Category: विशेष लेख

झाँसी में 300 साल पुरानी है मेला की परम्परा , जानें इस मंदिर पर लगता है मेला

महानगर झांसी में “पचकुईया माता” का ऐसा सिद्ध और प्रसिद्ध मंदिर है, जहां पर आस्था और भक्ति के साथ-साथ जनमानस यहाँ स्वयं अपना इलाज भी करवाने आते हैं। झांसी किले…

आल्हा-ऊदल ने दी थी पुत्र की बलि, ‘लहर की देवी’ ने किया बालक को जिंदा

देवी मां के मंदिरों को विशेष श्रृंखला में नवरात्रि के दूसरे दिन एक और रहस्यमयी मंदिर की कहानी लेकर आए हैं। यह ही विशेष मंदिर है, यहाँ देवी मां को…

क्या बिहार में फिर से लौट रहा है जंगल राज?

बिहार,इस देश का वह भूमि का टुकड़ा जिसकी गौरव गाथा में विदेशियों के यात्रा व्रतांत बहुतायत उपलब्ध हैं। वहीं बिहार जिसने जेपी जैसे प्रखर व्यक्तित्व को जन्म दिया जिसकी क्रान्ति…

मौसम की मार से बुंदेलखंड की फसलें बर्बाद हो रही हैं लेकिन संसद में अड़ानी ही अड़े हुए हैं क्यों?

जिन दलों के तुम झंडाबरदार बनकर ज़िंदाबाद मुरादाबाद करते हो,चुनाव के समय जातियों में बंटकर वोट कर देते हो,वह पैगासस,अड़ानी और राहुल गांधी के बयान पर संसद ठप कर देते…

कभी 40 रुपये के लिए तरसे थे देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षक,मेहनत लाई रंग आज है करोड़ों के मालिक ।

वो कहावत सच है। समय समय की बात है, समय होत बलवान कभी 40 रुपये के लिए तरसे थे देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षक,मेहनत लाई रंग आज है करोड़ों के…

बुंदेलखंड की लोक परम्पराए कितने हद तक बची है कितनी विलुप्त होती जा रही है

बुंदेलखंड का अतीत बहुत ही गौरवान्वित करने वाला है। सतयुग से लेकर अभी तक श्री कृष्ण के जाने के बाद से आज तक जितना साहित्य बुंदेलखंड में रचा गया है…

बुंदेलखंड का एक ऐसा किला जहां भारतीय सेना का है कब्जा।

बोलेगा बुंदेलखंड और ASM न्यूज़ पर अब आप बुंदेलखंड के किस किले का इतिहास पढना और देखना चाहते है तो आज ही कमेंट माध्यम बताइए। वैसे तो बुंदेलखंड को किलो…

पत्रकारिता: चुनौती और संभावना

भारत में पत्रकारिता को विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के बाद लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में माना जाता है, हालांकि भारतीय संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. पत्रकारिता…

एक मात्र मंदिर जहां पराम्बा माँ जगदम्बा का विग्रह गिद्ध पर असवार है।

गिद्धवाहिनी मैया मन्दिर का इतिहास और बुंदेला शासक-सोहनपाल से सम्बंध- शक्ति की आराधना का इतिहास उतना ही पुराना है, जितना आदिकाल में मानवों का जंगलों के खानाबदोशी जीवन का इतिहास!…

टेक्सटाइल/गलीचे एवं कालीन शिल्प हस्तशिल्पियों के प्रशिक्षण का एक सुनहरा मौका, जानें कब तक कर सकते आवेदन l

अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह 8 दिसम्बर से 14 दिसम्बर को पूरे भारत में मनाया जाता है। ये देश के सभी राज्यों में लोगों के बीच हस्तशिल्प के बारे में समाज…

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