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टोड़ी फतेहपुर (झाँसी): उत्तर प्रदेश के नगर पंचायत टोड़ी फतेहपुर में सरकारी तंत्र की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक ओर जहाँ साधन-संपन्न ‘अपात्र’ लोग सरकारी राशन का लाभ उठा रहे हैं, वहीं एक जरूरतमंद विधवा महिला का राशन कार्ड बिना किसी ठोस कारण के निरस्त कर दिया गया है। पीड़िता ने अब मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?

​नजरगंज वार्ड संख्या 11 की निवासी गायत्री देवी श्रीवास ने बताया कि वह विधवा और भूमिहीन हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है और उनकी दो बेटियां विवाह योग्य हैं। गायत्री देवी के पास पहले ‘पात्र गृहस्थी’ राशन कार्ड था, जिससे मिलने वाले अनाज से उनके परिवार का भरण-पोषण होता था।

​पीड़िता का आरोप है कि पूर्ति विभाग की उदासीनता के कारण उनका कार्ड अचानक बंद कर दिया गया, जिससे परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। उनकी मांग है कि पात्रता के अनुसार उन्हें ‘अंत्योदय राशन कार्ड’ मिलना चाहिए था, लेकिन विभाग ने सहायता करने के बजाय उनका मौजूदा कार्ड भी छीन लिया।

अपात्रों का बोलबाला, प्रशासन मौन

​खबर के अनुसार, नगर पंचायत क्षेत्र में कई ऐसे लोग हैं जिनके पास पक्के मकान, वाहन और कृषि योग्य भूमि जैसी सभी सुख-सुविधाएं मौजूद हैं, फिर भी उनके नाम पर अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड जारी हैं। स्थानीय सभासदों ने भी पूर्व में मांग की थी कि राशन कार्डों की डोर-टू-डोर (घर-घर) जांच कराई जाए ताकि वास्तविक गरीबों को हक मिल सके, लेकिन विभाग द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

पीड़िता की मांगें:

​गायत्री देवी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. ​उनका राशन कार्ड तत्काल पुनः बहाल (Reissue) किया जाए।
  2. ​नगर के सभी राशन कार्डों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
  3. ​अपात्र लोगों को योजना से बाहर कर वास्तविक गरीबों को लाभ दिया जाए।

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