Mon. May 25th, 2026

Author: राजू शर्मा नौटा

जानिए अपने पर्वों के अंतर्निहित गहन निहितार्थों को।

भारतवर्ष एक ऐसा देश है जिसकी संस्कृति अनेकानेक पर्वों से परिपूर्ण है। यह पर्व अकारण या उल्लास मात्र के साधन नहीं,अपितु अन्वर्थ( useless) हैं! कहीं न कहीं प्रकृति में होने…

ध्यानचंद की हॉकी के आगे हिटलर ने भी घुटने टेके

मेजर तिवारी की प्रेरणा से हॉकी की शुरुआत करने वाले ध्यानचंद को शायद ही यह भान रहा होगा कि यही हॉकी की स्टिक उनके जीवन को बुलंदियों की सैर कराने…

वो इक्कीस महीने की तानाशाही का दौर

25 जून 1975 की वह सुबह जब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय दिल्ली में ही थे,उनके फ़ोन की घंटी बजती है और दूसरी तरफ़ से आर के धवन…

बुंदेलखंड पद्मनी की जौहर की कहानी, मुग़ल आक्रान्ताओं के कारण चढ़ना पड़ा भेंट

बुंदेलखंड की यह घटना सत्रहवीं सदी की है जिसमें राजस्थान के मेवाड़ राज्य की राजपूत रानी पद्मिनी की तर्ज़ पर मुग़ल आक्रान्ता अलीवर्दी खान से अपनी अस्मिता की पवित्रता की…

क्या कारण रहा जब अल्बर्ट आइंस्टीन परमाणु की खोज के बाद अचानक निराशा, दुख और अवसाद में डूब गए

आइन्स्टाइन के जन्मदिवस पर आसन्न ख़तरे का इंगित अल्बर्ट आइन्स्टाइन ने जब ऊर्जा का सिद्धांत जिससे परमाणु बम बन सकता था, कि खोज की तो वह बेहद खुश थे। लेकिन…

भारत के नवनिर्माण नहीं अपितु पुनर्निर्माण की जरूरत

भारत के नवनिर्माण नहीं अपितु पुनर्निर्माण की जरूरत जो लोग भी इतिहास में रुचि रखते हैं उनको इरफ़ान हबीब और रोमिला थापर जैसे इतिहासकारों से आगे जाकर अन्य ऐसे लेखकों…

तस्वीर बनाने वाले के अंतर तल में कहीं न कहीं एक गहरा भाव ज़रूर रहा होगा भगवान के रूप के आग्रह को लेकर।

सोशल मीडिया में इन दिनों एक तस्वीर घूम रही है जिसके बारे में चर्चा है कि बाल्मीकी रामायण में दिए गए विवरणों के आधार पर उकेरा गया है इसे कैनवास…

क्या बिहार में फिर से लौट रहा है जंगल राज?

बिहार,इस देश का वह भूमि का टुकड़ा जिसकी गौरव गाथा में विदेशियों के यात्रा व्रतांत बहुतायत उपलब्ध हैं। वहीं बिहार जिसने जेपी जैसे प्रखर व्यक्तित्व को जन्म दिया जिसकी क्रान्ति…

मौसम की मार से बुंदेलखंड की फसलें बर्बाद हो रही हैं लेकिन संसद में अड़ानी ही अड़े हुए हैं क्यों?

जिन दलों के तुम झंडाबरदार बनकर ज़िंदाबाद मुरादाबाद करते हो,चुनाव के समय जातियों में बंटकर वोट कर देते हो,वह पैगासस,अड़ानी और राहुल गांधी के बयान पर संसद ठप कर देते…

बुन्देलखण्ड की समृद्धि,शौर्य और जौहर की दास्तान बयान करता- गढ़कुण्डार का दुर्ग

“भारतवर्ष का इतिहास स्वाभिमान,साहस और शौर्य का अकूत खजाना है और इसके प्रमाण हैं वीरान पड़े दुर्गों के भग्नावशेष जो इस समृद्धि के मूक गवाह के रूप में आज भी…

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