झांसी – टहरौली क्षेत्र के ग्राम पिपरा में पूर्व सांसद एवं सामाजिक संघर्ष की प्रतीक मानी जाने वाली फूलन देवी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन प्रशांत कुमार यादव के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और स्थानीय लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान फूलन देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि फूलन देवी का जीवन अनेक उतार-चढ़ावों से भरा रहा। उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बनाई और बाद में लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा बनीं।

 संघर्ष से संसद तक का सफर

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि फूलन देवी का जीवन ग्रामीण और वंचित समाज के संघर्षों से जुड़ी अनेक सामाजिक परिस्थितियों को सामने लाता है। कठिनाइयों के बीच उन्होंने जिस तरह अपने जीवन की दिशा बदली, वह भारतीय राजनीति और सामाजिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।

फूलन देवी बाद में राजनीति में आईं और उत्तर प्रदेश की **मिर्जापुर लोकसभा सीट से सांसद** निर्वाचित हुईं। कार्यक्रम में उनके राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका संसद तक पहुंचना उस दौर में सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा गया।

सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण पर जोर

जयंती समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज फूलन देवी को याद करने का उद्देश्य केवल उनके अतीत को याद करना नहीं, बल्कि समाज में समानता, सम्मान, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर चर्चा को आगे बढ़ाना भी है।

वक्ताओं ने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को शिक्षा, सम्मान और अवसर उपलब्ध कराना ही किसी भी महापुरुष अथवा सामाजिक व्यक्तित्व को सच्ची श्रद्धांजलि हो सकती है। कार्यक्रम में युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने का आह्वान भी किया गया।

 प्रशांत कुमार यादव के नेतृत्व में आयोजन

ग्राम पिपरा में आयोजित कार्यक्रम में प्रशांत कुमार यादव ने फूलन देवी के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके जीवन से समाज को संघर्ष, विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को सामाजिक इतिहास और संघर्षों से परिचित कराया जाना आवश्यक है। युवाओं को शिक्षा, सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मुन्ना विश्वकर्मा, पप्पू रायकवार, धीरेंद्र रायकवार, अखिलेश, छत्रपाल रायकवार, भूरे अहिरवार, सिरोवन रायकवार आदि ने फूलन देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और सामाजिक समानता, भाईचारे तथा जरूरतमंद वर्गों के सम्मान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।

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