लखनऊ। लखनऊ के BKT स्थित ग्लोबल स्कूल की छात्रा प्रिया राठौर की मौत को लेकर प्रशासन ने बीते दिन क्राइम विशेषज्ञों के साथ क्राइम सीन को दोहराया है जिसमे पुलिस प्रशासन ने प्रिया की कद काठी का पुतला बनाकर उसे स्कूल की पांचवी मंजिल से पांच बार नीचे फेंका गया। इस दृश्य की वीडियोग्राफी की गई और निरीक्षण किया गया की पहली बार पुतला ठीक उसी जगह गिरा था जहां प्रिया की लाश मिली थी। अन्य बिंदुओं से भी निरीक्षण किया गया और इन बिंदुओं का विश्लेषण कर फॉरेंसिक टीम पुलिस को रिपोर्ट प्रदान करेगी।

जालौन निवासी प्रिया के पिता जसराम ने अपनी बेटी की हत्या का आरोप लगाया है और कहा कि मेरी बेटी कभी खुदकुशी नहीं कर सकती है। क्राइम सीन दोहराने को लेकर जसराम और स्कूल प्रशासन के बीच कहासुनी भी हुई। उन्होंने कहा कि बेटी की जींस पर खून कहां से आया। एक कर्मचारी ने कहा कि सुबह हाथ की नस काट ली थी। इस जसराम भड़क गए और कहा कि स्कूल रोज अपने बयान बदल रहा है, यदि उसने नस काटी थी तो स्कूल ने उसी दिन क्यों नहीं बताया। मौत के बाद क्यों बता रहे हैं। वाइस प्रिंसिपल शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि स्कूल टीम भी इस बिंदु पर जांच कर रही है।
5 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम स्कूल पहुंची थी जिसमे DCP कासिम आब्दी ने विशेषज्ञों की टीम के साथ प्रिया के वजन के बराबर पुतला तैयार किया था। इसे ऊपर से पांच बार फेंका गया। पहली बार में जहां प्रिया गिरी वहीं गिरा। दूसरी बार में कुछ दूरी पर और तीसरी बार में पुतला पेड़ से टकरा गया, जिससे उसका हाथ टूट गया था। विशेषज्ञों ने पाया कि यह दीवार से ढाई फिट दूर गिरा था। पांच बार गिरे पुतले की जगह नापी गई। डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने क्राइम सीन दोहराया है। एक-एक बिंदु की तफ्तीश की है। अब जो वह रिपोर्ट देंगे उस दिशा में जांच की जाएगी।

पिता ने पुतला कम वजन होने का लगाया आरोप छात्रा के पिता जसराम ने क्राइम सीन दोहराने के दौरान आरोप लगाया कि प्रिया का वजन करीब 35 किलो था। जबकि पुतला 15 से 20 किलो था। जिससे क्राइम सीन दोहराने के दौरान पुतला गिरने की सही जगह का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि पीएम रिपोर्ट में जैसी चोटों व फ्रैक्चर का जिक्र है, वह इस पुतले के साथ नहीं हुआ। बेटी की हत्या ही की गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार ऐसी तमाम चीजों का खुलासा हुआ है जिससे ये साबित होता है कि ये मामला सुसाइड का नहीं बल्कि मर्डर का है। लेकिन प्रशासन ने अभी तक कोई कड़ा कदम नहीं उठाया है जिससे प्रिया के घरवाले कई दिनों से राज्य प्रशासन से गुहार लगा रहे कि कही ना कही उनकी न्याय की गुहार सुनी जा सके।
