उरई (जालौन)। पिछले दिनों कोंच कोतवाली क्षेत्र के पटेल नगर के रहने वाले अधिवक्ता असित कुमार कुशवाहा पुत्र लालाराम कुशवाहा और उनके परिजनों के साथ रजनीकांत पटेल ने जमीन के विवाद में अपने साथियों के साथ मिलकर घर में घुसकर 24 नवंबर को मारपीट करते हुए गाड़ियों की तोड़फोड़ तथा लूटपाट की थी। इस मामले में अधिवक्ता द्वारा कोतवाली में शिकायत भी की थी, मगर पुलिस ने इस मामले में मुकदमा नहीं लिखा था, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने हंगामा करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए सीओ ने घटना में घायल 4 लोगों का चिकित्सीय परीक्षण कराया था, साथ ही अगले दिन धारा 395, 308 आईपीसी की धारा में मुकदमा पंजीकृत करते हुए नामजद आरोपी रजनीकांत पटेल को गिरफ्तार किया था।
उक्त मामले में घटना में घायल अधिवक्ता असित कुशवाहा ने जिलाधिकारी चांदनी सिंह और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट को दिये गये ज्ञापन में बताया कि पुलिस द्वारा अभियोग की निष्पक्ष विवेचना नहीं की जा रही है। घटना में घायल 8 लोगों में से सिर्फ पुलिस ने 4 लोगों का ही मेडिकल परीक्षण कराया था,

प्रभारी निरीक्षक थाना कोंच अभियुक्तों को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के गिरफ्तार किये बगैर मुचलके पर रिहा करने के प्रयास में हैं। पुलिस द्वारा अभियुक्तों को लाभ पहुंचाने की मंशा से सदोष मानव वध का प्रयास व दिनदहाड़े डकैती की घटनाओं को 7 वर्ष से कम कारावास से दंडित होने वाले अपराध में बदल दिया है, पुलिस द्वारा घटना में अभियुक्तों के द्वारा लूटे गए माल की बरामदगी का प्रयास भी नहीं किया जा रहा है, साथ ही अभियुक्तों को बचाने में पुलिस पूरी तरीके से लगी हुई है, जिस कारण उनके हौसले बुलंद हैं और अभियुक्त पीड़ित और उसके परिजनों की हत्या करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। इसीलिए इस मामले की निष्पक्ष विवेचना करवाकर अभियुक्तों के विरुद्ध घटना में लूटे गए माल को बरामद करने तथा कानूनी कार्रवाई करने के लिए सही तरीके से जांच कराई जाए, जिससे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। साथ ही हमलावरों के कृत्यों के बारे में विस्तृत जानकारी कर न्याय किया जाये

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